Tuesday, June 8, 2010

आज क्या नया किया

आज क्या नया किया
आज ऐसा क्या किया
आज किस पहाड़ पे तूने
 निशां अपना गड़ दिया

आज क्या नया किया
मुश्किलों से  झूजते
ठोकरों के बीच भी क्या
सर उठा के  तू  जिया

आज क्या नया किया 
आंधीयों के बीच भी तूने
कौन सा दीया लौ किया 

कौन सा आंसू पी गया तू
कौन सा गम सह गया 
आज जिंदगी को क्या
तू जिंदगी की तरह जी गया




 

No comments: